Devashram Trust
Pause The Music



+91-9415813002
+91-8840185709

  मिशन पाँच सौ करोड़ राम नाम लेखन अभियान से जुड़ने हेतु कृपया इस लिंक पर क्लिक कर अपना नाम पता दर्ज करावें. - आध्यात्मिक गुरु ब्रजनंदन

  मिशन पांच सौ करोड़ राम नाम  

प्रेम मुदित मन से लिखो श्रीराम राम राम।
कष्ट कटे संकट मिटे लिखो श्रीराम राम राम।।
 

'कलयुग केवल नाम अधारा,
सुमिर सुमिर नर उतरहिं पारा।
 

भगवान राम का नाम स्वयं में एक महामंत्र है। राम नाम की महिमा अपरंपार है। इसके जप से ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति सहज हो जाती है। राम मंत्र को तारक मंत्र भी कहा जाता है। इस मंत्र के जपने से सभी दुःखों का अंत होता है। सभी मनोरथ सिद्ध हो जाते हैं तथा मनचाही कामना पूरी होती है। राम भक्तों की कमी नहीं है जिन्हें राम नाम की ही धुन लगी है। सुबह-शाम जब भी मौका मिलता है, वे राम नाम जपते ही नहीं, उसे लिखते भी हैं। इतना ही नहीं, राम नाम को लिखकर वे उसे बैंक में जमा भी कराते हैं। "देवाश्रम अंतरराष्ट्रीय राम नाम बैंक" में धन नहीं सिर्फ राम नाम ही जमा होता है। इस बैंक में राम नाम जमा कराने पर ब्याज भले ही न मिलता हो मगर सच्चा आनंद व बैकुंठ अवश्य मिलता है।  

बैंक स्थापना वर्ष व शाखाएं:

"देवाश्रम अंतरराष्ट्रीय राम नाम बैंक" की स्थापना 21 अक्टूबर, वर्ष 2018 में आध्यात्मिक गुरु डॉ० ब्रजनंदन द्वारा दिल्ली में आयोजित सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण के समय की गई थी। आज इस बैंक की देश-विदेश में मिलाकर 65 से अधिक शाखाएँ हैं। इस बैंक की देश-विदेश स्थित सभी शाखाओं में अब तक कुल मिलाकर पांच लाख से अधिक राम नाम जमा हो चुके हैं। इनमें महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, न्यूयॉर्क, यूएई, कनाडा, बैंकॉक, सिंगापुर, श्रीलंका, मोरिसस, फ्रांस, इटली, जापान, कोरिया के रामभक्तों का योगदान ज्यादा है। राम नाम लिखने वाले सात वर्ष के बच्चे से लेकर 99 वर्ष के बुजुर्ग तक हैं।

सदस्यता नियम:

मुख्य कार्यकारी संयोजिका श्रीमती माण्डवी के अनुसार बैंक में खाता खोलने के लिए किसी कागजात की नहीं बल्कि राम नाम की जरूरत है। बच्चे, युवा, बुजुर्ग, महिला या पुरुष किसी भी जाति-धर्म, मजहब, पंथ का, कोई भी व्यक्ति, किसी भी भाषा में ग्यारह हजार सीताराम, श्रीराम या राम नाम लिखकर बैंक में अपना खाता खोल सकता है। इतना ही नहीं, जो भक्त नियमित रूप से राम नाम लिखता है, वह बैंक का स्थायी सदस्य बन जाता है और उसे बैंक की तरफ से पास बुक व सदस्यता प्रमाण पत्र भी दिया जाता है।

पदक व पुरस्कार:

एक करोड़ राम नाम लिखने वाले संकल्पित भक्त को स्वर्ण पदक, पचास लाख राम नाम लिखने वाले को रजत पदक व 25 लाख राम नाम लिखने वाले को काँस्य पदक से सम्मानित किया जाता है। 25 वर्ष की आयु में ही 15 लाख नाम लिखने पर भी काँस्य पदक मिलता है। सवा लाख राम नाम लिखा जमा करने पर प्रभु श्रीराम दरवार की बड़ी फ़ोटो +रामनामी + रामचरित मानस + पंचमुखी रुद्राक्ष माला के साथ देवाश्रम द्वारा भक्तों के पते पर निःशुल्क भेजी जाती है। इक्यावन हज़ार लेखन पर 'भक्त रत्न', इक्कीस हज़ार पर 'भक्त शिरोमणि' तथा ग्यारह भक्तों को प्रेरणा करने वाले को 'भक्ताचार्य' की उपाधि से विभूषित किया जाता है।

पूजा अर्पण व संरक्षण:

राम नाम लिखने के लिए वैसे तो बैंक से ही कॉपी मिलती है मगर निजी कापी या डायरी आदि में भी राम नाम लिखकर बैंक में जमा कराया जा सकता है। राम नाम लिखी कॉपियों को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या में प्रभु श्रीराम के चरणों में सविधि चढ़ाकर अयोध्या में देवाश्रम द्वारा 'श्री रामजानकी भवन' कार्यालय, संग्रहालय व अतिथि भवन निर्माण कर स्थायीरूप से सुरक्षित रखा जाएगा।

पुण्यफल व कल्याण प्राप्ति:

आध्यात्मिक गुरु ब्रजनंदन ने कहा कि वैसे तो राम नाम की महिमा अपार है। सच्चे मन से जपने व लिखने दोनों ही प्रकार से पुण्य मिलता है। मनुष्य के सभी कष्ट दूर होते हैं और उसका कल्याण होता है। वैसे जपने की अपेक्षा लिखने में सौ गुना अधिक फल की प्राप्ति होती है। अतः सभी को नियमित रूप से पवित्र होकर लाल स्याही से राम नाम लिखना चाहिए। समस्त मंडल प्रभारी अपने मंडल में कार्यकारिणी बनाकर मंगलवार अथवा शनिवार को संकल्पित 'श्री हनुमत पाठ' सुविधानुसार किसी सदस्य के घर या मंदिर पर कराने की व्यवस्था, 'श्री सीताराम लेखन पुस्तिका', 'संकल्प पत्र', आदि भक्तजनों को निःशुल्क उपलब्ध कराने तथा संकलन की पूर्ण जिम्मेदारी होती है। जिसे संस्था के मुख्यालय पर पूर्ण विवरण के साथ प्रेषित किया जाता है।

सम्मानित संयोजक व प्रभारी मंडल:

1.श्री सुदर्शन सरीन (दिल्ली), 2. एडवोकेट अनुराग शंकर दुबे (अयोध्या मंडल) 3. एडवोकेट सुनील त्रिपाठी (कानपुर मंडल), 4. श्रीमती दीप्ति भैरविया (गांधीनगर, गुजरात), 5. किशोर देशमुख (महाराष्ट्र), 6. शैलेन्द्र प्रताप सिंह (नवी मुम्बई), 7. भावेश दवे (अहमदावाद), 8. वेंकट रमन (कटक), 9. महेंद्र सिंह पाटिल (मध्यप्रदेश), 10. राहुल वराडे (नागपुर), 11. डॉ० मनोज मिश्रा (बिहार), 12. सुरेंद्र सिंह (भुवनेश्वर, ओडिशा), 13. एडवोकेट राजीव लोचन (दिल्ली वेस्ट), 14. अवधेश कुमार सिंह (फतेहपुर), 15. संजय रामास्वामी (हैदराबाद), 16. अवनीश पांडेय (लखनऊ), 17. देवेंदर प्रधान (ग्रेटर नोएडा), 18. नूर चौधरी (पूर्वी दिल्ली), 19. चाहत राम (साउथ दिल्ली), 20. डॉ० सविता उपाध्याय (गुरुग्राम), 21. मुकेश मिश्रा (दिल्ली, सेंट्रल), 22. अजय श्रीवास्तव (पटना), 23. राजेश मोहन श्रीवास्तव (प्रयागराज), 24. डॉ० रघुनंदन (सोनभद्र), 25. डॉ० शिरीश कुमार (कानपुर देहात), 26. प्रो० कमलेश कुमार (वाराणसी), 27. उपेंद्र सिंह (राजस्थान), 28. विनय कुमटा (फरीदाबाद), 29. प्रेम खन्ना (हरियाणा), 30. कपिल मालिक (उद्योग मंडल, हरियाणा), 31. शैलेश शर्मा (दिल्ली नार्थ), 32. पवन गुप्ता (रोहतक), 33. डॉ० एलिजा बेथ (वेल्लूर, तमिलनाडु), 34. प्रो० हनुमान राम (बीएचयू, वाराणसी), 35. श्रीमती प्रतिभा (वाराणसी), 36. श्रीमती सीमा श्रीवास्तव (मुम्बई), 37. आभा सिंह (बीचयू, वाराणसी), 38. सुनीता गुप्ता (भेलूपुर, वाराणसी), क्रमशः…….

संपर्क: सचिव, देवाश्रम अंतरराष्ट्रीय राम नाम बैंक
मो. 8840185709, ईमेल: ramnambank@gmail.com
www.devashramtrust.org
(देवाश्रम ट्रस्ट द्वारा संचालित)

  Join Today